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Write by :Dhanraj mishra

परिवार दिवस : 39 बीवियों और 94 बच्चों वाली दुनिया की सबसे बड़ी इंडियन फैमिली

International Day of Families 2021: आज अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस है. ऐसे में जानिए दुनिया के उस सबसे बड़े परिवार के बारे में, जो कहीं और नहीं बल्कि भारत के मिजोरम में ही रहता है. कोरोना के दौर में भी ये परिवार पूरी तरह सुरक्षित है. 74 साल के जियोना के इस परिवार को आप एक इंडिपेंडेंट कम्युनिटी भी कह सकते हैं. उसकी 39 बीवियां हैं और 94 बच्चे. परिवार में कुल मिलाकर 181 लोग. सभी एक विशालकाय मकान में रहते हैं. सभी कोरोना वायरस से महफूज हैं.

आज हम आपको दुनिया के सबसे बड़े परिवार से मिलाने à

ये दुनिया का सबसे बड़ा परिवार है. मिजोरम के एक गांव में एक ही छत के नीचे रहता है. कोरोना वायरस का जरा सा भी असर इस परिवार पर नहीं पड़ा है. वो आमदिनों की तरह मस्त और कामकाज में लगा है. हां, देश के दूसरे लोगों की कोरोना को लेकर सावधान है. ये पूरा परिवार है जियोना चाना का. इसमें कुल मिलाकर 181 सदस्य हैं, जो 100 कमरों के मकान में एक साथ रहते हैं. घर के मुखिया जियोना चाना की 39 बीवियां हैं औऱ 94 बच्चे. लेकिन ये परिवार यही नहीं रुकता. इसमें 14 बहुओं और 33 पोते पोतियां भी हैं और एक नन्हा प्रपौत्

ये पूरा परिवार मिजोरम की खूबसूरत पहाड़ियों के बीच बटवंग गांव में एक बड़े से मकान में रहता है. यहां तक कोरोना का कोई असर नहीं है. लिहाजा यहां जीवन सामान्य है. जियोना मुख्यतौर पर बढ़ई का काम करते हैं लेकिन अब उनका परिवार खुद किसी कम्युनिटी की तरह है. परिवार के काम आने वाले हर चीज को वो या खुद ही पैदा कर लेते हैं या बना लेते हैं.


जिओना अपने परिवार के साथ 100 कमरों के जिस मकान में रहते हैं उसमें एक बड़े से रसोईघर के अलावा सबके लिए पर्याप्त जगह है और जिओना अपने परिवार को बड़े अनुशासन से चलाते हैं. खाना बनाने और घर के अन्य कामकाज सब मिलकर करते हैं. मिजोरम में यूं तो कोरोना वायरस का अब तक केवल एक ही मरीज सामने आया है लेकिन राज्य में जिस तरह सावधानियां बरती जा रही हैं. वैसे ये परिवार भी बरत रहा है. उसने खुद को बाहरी लोगों से एकदम काटा हुआ है

परिवार की महिलाएं खेती बाड़ी करती हैं और घर चलाने में योगदान देती हैं. चाना की सबसे बड़ी पत्नी मुखिया की भूमिका निभाती हैं और घर के सभी सदस्यों के कार्यों का बंटवारा करने के साथ ही कामकाज पर नज़र भी रखती हैं.


यहां एक दिन में 45 किलो से ज्यादा चावल, 30-40 मुर्गे, 25 किलो दाल, दर्जनों अंडे, 60 किलो सब्जियों की ज़रूरत होती है. इसके अलावा इस परिवार में लगभग 20 किलो फल की भी हर रोज़ खपत होती है. आप हैरान होंगे कि ये सबकुछ ये लोग खुद ही उगाते हैं. उनके पास अपने बड़े बड़े खेत हैं और फल के पेड़. पिछले कुछ सालों में उन्होंने अपना एक पोल्ट्री फॉर्म भी बना लिया है.

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